जय हिंद • जय भारत • जय शतरंज
शतरंज
जीवन को समझने की कला
शतरंज शिक्षा के इस प्रथम अंक में आपका हार्दिक स्वागत है। यह पत्रिका शतरंज को केवल खेल नहीं, बल्कि एक समग्र बौद्धिक, नैतिक और मानसिक विकास के साधन के रूप में प्रस्तुत करती है।

प्रथम प्रकाशन
प्रथम अंक
इस अंक में शतरंज को केवल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि जीवन-दर्शन के रूप में प्रस्तुत किया गया है — जहाँ धैर्य, अनुशासन और विवेक का विकास होता है।
इस अंक की प्रमुख विषयवस्तु
- • क्रिकेट का नशा और शतरंज प्रतिभाओं का क्षरण
- • भारत में शतरंज का बढ़ता प्रभाव
- • मानसिक संतुलन और शतरंज
- • बढ़ते शतरंज सपने, घटती सेहत
- • बच्चों के लिए प्रेरक लेख एवं पहेलियाँ
- • रणनीतिक विश्लेषण एवं एंडगेम अध्ययन
“शतरंज केवल चालों का खेल नहीं, यह मनुष्य के विचार और चरित्र को गढ़ने की प्रक्रिया है।”
— संपादकीय दृष्टिकोण
हमारा उद्देश्य
ज्ञान और अनुशासन
शतरंज को ज्ञान, अनुशासन और संस्कार से जोड़ना
तार्किक सोच
निर्णय क्षमता और विश्लेषण शक्ति का विकास
भारतीय परंपरा
भारतीय शतरंज संस्कृति को नई दिशा देना
यह पत्रिका शुद्ध रूप से शैक्षिक एवं गैर-व्यावसायिक उद्देश्य से प्रकाशित की जा रही है। यह निःशुल्क है और साझा की जा सकती है, किंतु किसी भी प्रकार का व्यावसायिक उपयोग पूर्णतः वर्जित है।
सादर
एस. ए. ए. काज़मी
FIDE Arbiter • President, District Chess Association, Ajmer